हर वो समाचार को एक बेहतरीन अंदाज में पायें जो आप अक्सर चैनल और न्यूज़ पेपर में नहीं पा सकते हैं ! इस अचार युक्त समाचार पढ़ते वक़्त आपके जीभ से निकलने वाली चटकारा कि आवाज़ इतनी जोरदार होनी चाहिए कि सत्ता और व्यवस्था में बैठे लोगों के कान के पर्दें हिल जाएँ !

Friday, June 3, 2011

अथ एवं इति श्री एनोस अध्याय !


भाई लोग कल की सम्पादकीय पढ़कर आप सब संपादक के चाल चलन से अवगत हो गए होंगे ..अब आज का प्रसंग ...
अपने एनोस एक्का को लेकर इडियट न्यूज़ के रिपोर्टर्स बड़े परेशान है ....कि एनोस ने दार्जिलिंग में ये खरीदा , कोलकाता में वो किया ..रांची में ,सिमडेगा में फार्म हॉउस टी गार्डेन ..लंद फंद न जाने क्या क्या कर लिया ..अरे मूर्खो ये समाज सेवक हैं यह सब समाज के लिए ही तो किया ...एनोस भाई दिलदार आदमी है भाई ..जिस दिन आप मटन खाने को तरस रहे होंगे उसी दिन आपको अपने फार्म हॉउस में पार्टी शार्टी दे देंगे ..गाँधी जयंती के दिन सिमडेगा की जनता को मीट भात खिला कर उपकृत किया था न ... अब आपको नजर लग रही है उसी फार्म हॉउस पर जिसमे कभी एनोस भाई पार्टी दे रहे होते और आप महाबीर जयंती या गाँधी जयंती के दिन मीट भात और शायद दारू शारू के भी चटखारे ले रहे होते . दार्जिलिंग में टी गार्डेन बनवाया है तो क्या ..आप नहीं पीजिएगा एनोस भाई के यहाँ का चाह( चाय ) पानी .जब चाय की चुस्की लीजियेगा तो स्वर्गिक आनंद मिलेगा और स्वर्ग से याद आया एनोस भाई तो और महती योजनाओ पर काम कर रहे थे .ताकि समाज को लाभ हो ..साहब उन्होंने तो कफ़न में पाकेट बनवाने की योजना बना ली थी ताकि सारे माल पत्तर स्वर्ग भी ले जाया जा सके और वहा कोई झारखंडी भाई आये तो उसकी व्यवस्था पानी करवाई जा सके . आखिर एनोस भाई के रग रग में समाज सेवा का खून जो दौड़ रहा है एनोस भाई का बस चलता तो वे झारखण्ड को ही स्वर्ग बना देते लेकिन बुरा हो निगरानी वालो का सारा प्लान गुड गोबर कर दिया ..सुना है निगरानी वाले अब भानु बाबु (भानुप्रताप शाही ) पर पड गए हैं ..चलो ठीक ही है पुण्य का काम है , यार को यार से मिलवा भी तो रहे हैं ..एनोस भाई हरि भाई कमलेश बाबु और भानु बाबु ,सब बिरसा मुंडा कारावास में कैबिनेट जमायेंगे जहाँ चार यार मिल जाये वही रात हो गुलजार ...और इनके मेंठ मधु बाबु भी तो वही चकल्लस मना रहे है .
आज एनोस पुराण यही तक ..कल आप पर भी लिखेंगे जी ..अपने आदमी अपनों के कब काम आयंगे सम्पदालीय में नाम छप जाये तो समझिये नाम ,दाम ,शोहरत सब कुछ तो मिलेगा ..
फिलहाल जोहार ..

Wednesday, June 1, 2011

अन्न के धक्का से अन्न पचता है !


यशोदा जैसी भोली भाली मेरी माँ बचपन में मुझे जबरन खा - लो ,खा - लो का रट लगाया करती थी .नहीं खाने पर ठुकाई भी कर देती थी , उनके इस जबरिया ममत्व के पीछे एक ही तर्क था कि अन्न के धक्के से ही अन्न पचता है उनका यही प्यार था कि आज हाहाकार हेल्थ लेकर सम्पन्नता का प्रतीक बन गया हूँ . भले ही भीतर कई बीमारिया खाद खोज रही हैं ..माँ की उस सीख को तब नहीं समझ सका था , दरअसल यह ज्ञान जीवन निर्माण में लागू करनी चाहिए थी ..यह अब महसूस हो रहा है ..निगोड़े कुवारे भले ही मेरी बातो पर नजर न डाले लेकिन जीवन के सेकंड हाफ में अगर सत्यार्थ की खोज करने का शौक चढ़ा तो मेरे इस वक्तव्य को गांठ बांध लेना चाहिए . दरअसल माँ की यह फिलोसफी बहुओ के लिए थी . अगर बीबी परेशां करे तो क्या करे ? दूसरी बीबी ले आओ , बीबी पर सौतन चढ़ा दो .. आप चैन से बादाम तोड़ेंगे और वे एक दूसरे का सर ..इस फार्मूले को विवाह के दो साल उपरांत विवाहित मर्द समझ सकते हैं ..कुंवारे और नव विवाहित तो इस ब्रह्म ज्ञान को मजाक समझेंगे लेकिन धीरे धीरे वे महसूस करेंगे कि कुंवारापन का लुत्फ़ या सन्यासी बनने का अनुभव ज्यादा सुखद है . और अगर झमेले में पड ही गए हैं तो वही फार्मूला ..अन्न के धक्का से अन्न पचता है ..परेशानी सिर्फ इस बात की है ( जिसे मै झेल रहा हूँ ) दूसरी मिलेगी कहाँ ? अरे सम्पादकीय वंपादाकीय तो बहाना है ..इसी बहाने 45 पार यह नाचीज सम्पादकीय का कालम मैट्रिमोनियल कोलम के रूप में उपयोग कर रहा है . इस अकेले को इतना फूटेज कहा मिलता ... वैसे ईडियट प्रबंधन से लिखवा चुका हूँ वेतन नहीं लूँगा ब्लैक मेलिंग करूंगा ...
आज अपनी कही कल आपकी भी कहूँगा।
जोहार
स्थानीय संपादक (योगेश किसलय)

हम ज्वलनशील झारखंडी !

हम झारखंडी बड़े ज्वलनशील पदार्थ होते हैं . किसी का सुख इन्हें देखा नहीं जाता . जरा सा इधर का उधर हुआ नहीं कि पैर का गुस्सा चुंदी में ... वे जानते भी हैं कि उनके गुस्साने से कुछ होना जाना नहीं है लेकिन अपना ब्लड प्रेशर बढ़ा कर अपना ही नुकसान करने पर उतारू हो जाते हैं ...अब कितना गिनवाए , मधु भैया को ही ले .. अरे आप तो मधुकांत पाठक को लेने लगे , नहीं भाई मधु कोड़ा .. बेचारा सीधा साधा आदमी ..उठो तो उठो और बैठो तो बैठो वाला भाई ..अब निगरानी का मद्रासी भाई ( एम् वी राव ) उनके पीछे का पड़ा कि मधु भैया को अपना छत्ता बिरसा मुंडा कारागार में बनाना पड गया ..केतना बढ़िया एक उदाहरण पेश किये थे कि गरीब का बच्चा भी करोडपति बन सकता है लेकिन वही ज्वलनशील पदार्थ हो गए सक्रिय ... मधु भाई ने तो अपनी भागी धरमपत्नी को भी अपना कर कलियुग का राम बनके दिखा दिया लेकिन अपने " जल्लू " भाइयो को सुहाया नहीं . राम को १४ साल का वनवास हुआ था मधु भाई को कारावास ... अब ये जल्लू भाई इस बात को लेकर परेशां हैं कि मधु भाई इलाज कराने के बहाने कभी एम्स तो कभी रिम्स के कोतेज में आनंद लेते हैं ...तो का मधु भाई अपना जवानी ऐसे ही बिता दे ..राम के तो साथ सीता थी ..कलियुगी राम कवारे ही जवानी नहीं न बिताएंगे .... अब आपलोग तो मधु के बाद मधुकांत भाई को लेकर टेंशन में आने लगे ...आने दीजिये उनकी बारी भी आएगी लेकिन जलिए नहीं ...जलिए तो दीपक की तरह ...
आज तो इतना ही , अरे संपादकी कर रहे हैं तो जल्दिये भेंट घाट होते ही रहेगी ..
अभी तो बस ,
जोहार

Tuesday, May 31, 2011

आज का समाचार !

  1. लड़का ऊपर लड़की नीचे ! मैट्रिक में 91% अंक लाकर हजारीबाग के इंदिरा गांधी स्‍कूल की अंजली कुमारी बनी स्टेट टॉपर ! लेकिन कुल में इस बार लडको ने लड़कियों को पटकनी दे दी है !
  2. अतिक्रमण के विरोध में और संजय सेठ कि बारात में जुटे लोगों को घर से घाटा। पचास में आये थे गर्मी से सबकी तबियत बिगड़ी साठ हुआ खर्चा !
  3. रामदेव-अन्‍ना मिलकर हिलाएंगे ! देखतें हैं गिरती है या नहीं ............................................ सरकार !
  4. रिश्तेदारों को आराम, बिजली बोर्ड में नहीं मिलेगा काम !
  5. लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित पकड़ी जंगल में नक्सली आपस में भिड़े। पुलिस सुरक्षित क्यूंकि मौके पर नहीं पहुंची !

Monday, May 30, 2011

आज का समाचार !

  1. बीजेपी छोड़ते समय संजय सेठ को माँ कि याद गयी तो आठ साल बीजेपी से बाहर रहने पर जीवीएम् नेता शंकर चौधरी को बाप याद गया। इसलिए फिर से घर चलो का नारा लगा रहा है !
  2. एक्साम के परिणामों में रांची की बेटियां शीर्ष पर और बेटा सब हरी ॐ टावर (HOT) पर !
  3. झारखंड के विधायकों को चाहिए और अधिक यात्रा भत्ता ! क्यूंकि नाक्सालिओं से मिलने कि लिये जंगल में बहुत दूर तक जाना पड़ता है !
  4. बिहार में सीएम् साहब ने सुखाड़ से निपटने के सारे उपाय कर लिये हैं। जुलाई में होगी ट्रान्सफर पोस्टिंग ! चलिए अच्छा है कम से कम जेब तो गीली हो जाएगी !
  5. खुशबु हत्या कांड पर फिल्म बनने वाली है ! लगता है विजेंद्र कि संख्या बढाने कि मंसा है !
  6. पिछले दिनों जेवियर कॉलेज में खुशबु कि हत्या के बाद ही मुझे गला काट प्रतियोगिता (Cut Throat Competition) का सही मतलब पता चला !
  7. धुर्वा के कैलाश इंधन पम्प में डीज़ल गाड़ी में पैट्रोल भरने से सभी गाड़ियाँ ठीक वैसे ही डैमेज हो गयी जैसे शिबू सोरेन राजनीति में !
  8. रांची में पानी होगी निजी हाथों में और शराब सरकार के हाथों में !
  9. कृषि बाजार शुल्क घटा ! लेकिन ऑफिसर के पैकेट में जाने वाला शुल्क वही रहेगा !
  10. बिजली का झटका खाकर शिव बसंत जेपीएससी आये हैं। देखना यही है की यहाँ पर करेंट की स्पीड कैसी रहती है !
  11. क्या आपको नहीं लगता है की झारखण्ड की तरक्की के लिए इसका नेतृत्व अब महेंद्र सिंह धोनी के हाथों सौप देनी चाहिए ?

Saturday, May 28, 2011

आज का समाचार !

  1. धोनी कि ठीम चेन्नई के पिछले दो मैच में धोनी के घर पास दो हत्या हो चुकी है। देखना है आज फ़ाइनल में क्या होता है !
  2. शिबू सोरेन कि ख़ामोशी कहीं जमशेदपुर में होने वाले उपचुनाव में आने वाले तूफान का संकेत तो नहीं है !
  3. मुंडा जी ने मीटिंग में पानी संकट पर अफ़सोस जताया और बाहर निकलने पर अपनी गाड़ी गन्दी देख दिन में दो बार धोने का आदेश दिया !
  4. सरकार ने कहा विकाश को फास्ट ट्रैक पर लाइए ! शायद विकाश सिन्हा को जेल से निकलवाने कि कवायद जोरों पर है !
  5. झारखण्ड में मानसून १३ तक और धोनी १५ तक !
  6. संजय सेठ के आने से जेवीएम् फिर से जिन्दा हो गया है ! जमशेदपुर में अकेले चुनाव लडेगा !
  7. वर्ल्ड कप में जीत के साथ धोनी ने अपना सर मुंडवा लिया था, अब देखने वाली बात होगी कि आइपीएल ४ जीत के बाद वो क्या मुंडवाते हैं !
  8. झारखण्ड में जिनके भी बच्चे एक्साम में टॉप किये उनकी माँ लोग बहुत खुश है ! चलो नयी वाली साड़ी के साथ फोटो खिंचवाने का मौका तो मिला !
  9. जमशेदपुर के गोलमुरी में रोजगार मेला आज और कल ! लेकिन बेरोजगारी हमेशा के लिये !
  10. मुझे आशा है कि पट्रोल कि कीमत बढने से धोनी के जीत के Average पर कोई असर नहीं पड़ेगा !
  11. झारखण्ड में प्राइमरी से लेकर आइए की परीक्षा एक साथ ! हो सकता है सवाल भी एक ही हो !
  12. रांची में सरला बिरला स्कूल में बीजेपी के सभी नेता और मंत्री जुटे ! चलो अच्छा है अनपढ़ मंत्री लोग कम से कम एक दिन तो स्कूल गए !